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Showing posts from February, 2019

国务院教育督导办:对培训机构对抗国家政策绝不姑息

   中新网2月25日电 据教育部网站消息, 国务院教育督导委员会办公室25日通报校外培训机构违规开展培训查处情况。国务院教育督导委员办公室指出,当前,各地秋季招生入学工作即将启动,要聚焦整治超前超标培训 及培训结果与招生入学有关的培训行为, 对一些培训机构顶风违规培训、对抗国家政策的行为绝不姑息,严肃查处。   国务院教育督导委员办公室介绍,近日,河北省教育厅、湖北省教育厅及石家庄市教育局、 武汉市教育局对“耀华文化艺术培训学校”、 “慧泉培训学校”违规开展培训及时进行了严肃查处。国务院教育督导委员会办公室指出,以上地区教育行政部门主动作为、行动迅速,对其工作态度予以肯定。   国务院教育督导委员办公室强调,校外培训机构专项治理是中央关心、群众关切、社会关注的大事。当前,各地秋季招生入学工作即将启动 ,一些培训机构找准时机,通过夸大事 实、虚假宣传等多种手段干挠正常招生秩序,各地要采取强有力的措施,巩固治理成果。   国务院教育督导委员办公室要求,一是不断提高政治站位。务必贯彻中央三令五申要求,压实工作责任,持续发力、常抓不懈,对于不作为、慢作为的部门要严肃问责。二是不断强化执法检查。 各级政府要组建市场监管、 公安、应急管理、教育等部门参加的联合执法队伍,利用现有执法力量,通过定期执法检查、暗访等方式,及时发现苗头性问题。三是坚决严肃查处个案。当前要聚焦整治超前超标培训及培训结果与招生入学有关的培训行为,对一些培训机构顶风违规培训、对抗国家政策的行为绝不姑息 ,严肃查处。四是做好宣传引 导。在招生入学工作期间,要全方位立体宣传入学政策,做到家喻户晓,不给培训机构可乘之机,形成全社会共同支持治理的氛围。   负责人称,《规定》也明确了三大督促落实的手段。一是跟踪督办。明确地方各级党委和政府应当对落实食品安全重大部署、重点工作情况进行跟踪督办。二是履职检查。明确地方各级党委应当结合巡视巡察工作安排, 对地方党政领导干部履行食 品安全工作职责情况进行检查。三是评议考核。明确地方各级党委和政府应当充分发挥评议考核“指挥棒”作用,推动地方党政领导干部落实食品安全工作责任。《规定》着重强化了结果运用,明确跟踪督办、 履职检查、评议考核结果应当作为地 方党政领导干部考核、奖惩和使用、调整的重要参考。   关于奖惩,负责人介绍,《规定》明确及时有效组织预防食...

习近平的全媒体理念

  2019年1月25日,中共中央政治局在人民 日报社就全媒体时代和媒体融合发展举行第十二次集体学习。习近平主持学习并发表重要讲话。   全媒体时代是个大趋势,媒体融合发展是篇大文章。   把握大势,当争朝夕,如何体现善谋善为真功夫?   挥毫著文,千头万绪,如何落好画龙点睛这一笔?   党的十八大以来,习近平多次深入考察调研、主持召开重要会议,谋篇布局、全面部署,推动解答媒 体融合发展这“一项紧迫课题”。   难忘瞬间   1月末的北京,云淡风轻、冬日静美。    人民日报社新媒体大厦9层 ,传出习近平关于电子阅报栏的关切询问:   “什么内容最受欢迎”   “谁负责安装”   “收不收费”   ……    这是习近平时隔近3年 再次走进这幢大厦。这一次,是为了主持召开中央政治局2019年首次集体学习——一次把“课堂”设在媒体融合发展第一线、别开生面的集体学习。   一直以来,习近平对互联网催生的新闻传播新技术、新机制、新模式都尤为关心。   深入新闻生产一线了解实际情况,习近平不仅认真看展览、仔细听汇报、就有关问题同一线新闻工作者亲切交流,还亲自试用、体验, 对从“相加”到“相融”的新型主流媒体建设进程 细致调研。   在人民日报社,他坐在电脑前录制语音、敲击键盘,通过微博、微信、新闻客户端向千家万户送去元宵节问候和祝福;   在新华社,他拿起手持视频直播云终端,对着随行人员试拍,体验全媒体时代记者的工作状态;   在中央电视台,“ 9.3”大阅兵新媒体传播的相关话题引发 了习近平的浓厚兴趣。听完汇报之后,他勉励大家:媒体融合是下一步我们工作的重要的方面;   ……   目之所视,言之所及,心之所思。这一次次亲密接触,正是习近平对全媒体理念的躬身实践,和对全媒体建设的有力支持。   把脉定向    当下,伴随着互联网的发展, 出现了全程媒体、全息媒体、全员媒体、全效媒体,信息无处不在、无所不及、无人不用……   面对舆论生态、媒体格局、传播方式发生的深刻变化,如何在这一场前所未有的大变革中“破茧而出”, 是主流媒体面对的重大课题。   2016年2月19日,习近平到中央新闻单位调研。图为习近平在中央电视台总控中心同工作人员亲切握手。   “必须紧跟时代,大胆运用新技术...

OPPO K1: आपके हाथ में पावर... बैंक अकाउंट में ज्यादा बोझ के बिना!

मोबाइल फोन ब्रैंड ओप्पो (OPPO) न सिर्फ अपने फ्लैगशिप डिवाइस में अनूठे फीचर लाने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है, बल्कि इसे ज्यादा किफायती रेंज में पेश करने के लिए भी. इस तरह से उसने मोबाइल इनोवेशन को मुख्यधारा की चीज बना दी है, न कि ऐसी चीज जो सिर्फ आला दर्जे में ही सीमित हो. OPPO K1 मॉडल भी इस गौरवशाली परंपरा के तहत आया है, इसमें ऐसे कई फीचर शामिल हैं जो आमतौर पर ज्यादा महंगे फोन में मिलते हैं. लेकिन यह डिवाइस कीमत और आकार, दोनों लिहाज से आपके पॉकेट में समाने लायक है. OPPO K1 के बारे में एक और चीज पर आप सबसे पहले गौर करेंगे-ऐसे समय में जब फोन बड़े होते जा रहे हैं, K1 आश्चर्यजनक रूप से छोटा फोन है. यह 158.3 एमएम लंबा और बहुत ही स्लिम, सिर्फ 74 एमएम पतला है. इसके फ्रंट में 6.41 इंच का फुल HD+ (2340 x 1080) डिस्प्ले है और खास बात कि यह AMOLED के साथ है. एक चीज पर आपका ध्यान जाएगा कि इस डिवाइस के फ्रंट या बैक में कहीं भी फिंगरप्रिंट स्कैनर नहीं दिखता. इसकी वजह यह है कि यह स्क्रीन के नीचे है- असल में K1 में एक इन डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर आता है, जिससे तेज और ज्यादा सटीक प्रदर्श...

लोकसभा चुनाव 2019: प्रशांत किशोर की उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात- क्या है इसका मतलब

चुनावी रणनीतिकार और जनता दल (यूनाइटेड) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने मुंबई में शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे से मुलाक़ात की है. इस मुलाक़ात के बाद अपने ट्वीट में प्रशांत किशोर ने कहा है- एनडीए के हिस्सा के तौर पर हम आपके साथ मिलकर महाराष्ट्र में आगामी लोकसभा चुनाव में और उसके बाद भी जीत सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे. महाराष्ट्र में बीजेपी और शिव सेना के तल्ख़ रिश्तों के बीच प्रशांत किशोर का शिव सेना नेतृत्व से मिलना चर्चा का विषय बन सकता है. राजनीतिक हलकों में ऐसी चर्चा है कि एनडीए के घटक दल अपने को प्रभावकारी दबाव समूह के रूप में आगे करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. जानकारों की मानें तो जनता दल (यू) के प्रशांत किशोर की ये मुलाक़ात उसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है. बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने कहा है कि 2019 के चुनावी नतीजे आने के बाद चंद्रबाबू नायडू के लिए एनडीए का दरवाज़ा बंद हो जाएगा. आंध्र प्रदेश के विज़िअनागरम में बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने ये बात कही है. शाह ने चंद्रबाबू नायडू को यूटर्न सीएम करार दिया. बीजेपी प्रमुख आख़...

WhatsApp लॉक फीचर: जानिए ये नया फीचर कैसे काम करता है

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp में एक नया फीचर जुड़ा है . ये प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर है. इससे पहले तक वॉट्सऐप में कभी लॉक फीचर नहीं रहा है. प्राइवेसी पासवर्ड फीचर है, लेकिन इससे आप वॉट्सऐप लॉक नहीं कर सकते हैं. खास कर अगर आप आईफोन यूजर हैं तो वॉट्सऐप लॉक करने के लिए थर्ड पार्टी ऐप भी यूज नहीं कर  सकते हैं. नए अपडेट में वॉट्सऐप ने iOS यूजर्स का काम आसान कर दिया है. अब कंपनी बायोमैट्रिक ऑथेन्टिकेशन दे रही है. इसके तहत आईफोन यूजर्स टच आईडी और फे स आईडी से वॉट्सऐप अनलॉक कर पाएंगे. हालांकि यह फीचर चैट्स के लिए नहीं है, यानी इससे कोई खास चैट लॉक नहीं होगा, बल्कि ओवरऑल वॉट्सऐप लॉक होगा. रिपोर्ट के मुताबिक ये फीचर WhatsApp के वर्जन 2.19.20 में आया है जिसे ऐपल ऐप स्टोर से अपडेट कर सकते हैं. हालांकि यह अपडेट कई फेज में दिए जाएंगे, इसलिए अगर आपको अभी नहीं मिला है तो अपडेट जल्द ही मिलेगा. अपडेट के बाद इस नए फीचर को यूज करने के लिए आपको WhatsApp की सेटिंग्स में जाना होगा. यहां प्रिवेसी सेटिंग्स में नया ऑप्शन मिलेगा – Screen Lock. प्रिवेसी सेटिंग्स में Screen Lock चुन करे इसे ऑन करन...

बजट में आयकर स्लैब बदला तो खपत आधारित शेयरों में तेजी संभव

बजट के समय बाजार में काफी उतार-चढ़ाव दिखाई देता है। पोर्टफोलियो सुरक्षित बनाने और जोखिम से बचाव के लिए डेरिवेटिव सेगमेंट में गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इस बार आम चुनाव का साल है। ऐसे में एनडीए सरकार 1 फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में आम लोगों को कई फायदे दे सकती है। माहौल भी इसके अनुकूल है। इस समय महंगाई दर कम है। जीडीपी विकास दर 7% से अधिक है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह अधिक है। इन सब के ऊपर राजकोषीय घाटा भी लक्ष्य के आसपास है। इन सबको देखते हुए सरकार के सामने लोक-लुभावन बजट पेश करने की काफी गुंजाइश है। विधानसभा चुनावों में किसान कर्ज माफी की घोषणा से इसे लेकर उम्मीद बढ़ी है। बजट में कंस्ट्रक्शन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और हाउसिंग क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। मौजूदा सरकार के पिछले कुछ साल के बजट में यही रुख देखने को मिला है। पेयजल और स्वच्छता के साथ ग्रामीण परियोजनाओं पर फोकस होगा। कृषि क्षेत्र की हालत सुधारने पर भी ध्यान होगा। उर्वरक उद्योग के लिए कुछ अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो मुख्यत: सरकार की नीतियों पर आधारित हैं और स...