WhatsApp लॉक फीचर: जानिए ये नया फीचर कैसे काम करता है

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp में एक नया फीचर जुड़ा है. ये प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर है. इससे पहले तक वॉट्सऐप में कभी लॉक फीचर नहीं रहा है. प्राइवेसी पासवर्ड फीचर है, लेकिन इससे आप वॉट्सऐप लॉक नहीं कर सकते हैं. खास कर अगर आप आईफोन यूजर हैं तो वॉट्सऐप लॉक करने के लिए थर्ड पार्टी ऐप भी यूज नहीं कर  सकते हैं.

नए अपडेट में वॉट्सऐप ने iOS यूजर्स का काम आसान कर दिया है. अब कंपनी बायोमैट्रिक ऑथेन्टिकेशन दे रही है. इसके तहत आईफोन यूजर्स टच आईडी और फेस आईडी से वॉट्सऐप अनलॉक कर पाएंगे. हालांकि यह फीचर चैट्स के लिए नहीं है, यानी इससे कोई खास चैट लॉक नहीं होगा, बल्कि ओवरऑल वॉट्सऐप लॉक होगा.

रिपोर्ट के मुताबिक ये फीचर WhatsApp के वर्जन 2.19.20 में आया है जिसे ऐपल ऐप स्टोर से अपडेट कर सकते हैं. हालांकि यह अपडेट कई फेज में दिए जाएंगे, इसलिए अगर आपको अभी नहीं मिला है तो अपडेट जल्द ही मिलेगा. अपडेट के बाद इस नए फीचर को यूज करने के लिए आपको WhatsApp की सेटिंग्स में जाना होगा. यहां प्रिवेसी सेटिंग्स में नया ऑप्शन मिलेगा – Screen Lock.

प्रिवेसी सेटिंग्स में Screen Lock चुन करे इसे ऑन करना होगा. अगर आपके पास iPhone X, Xr, Xs, Xs Max है तो फेस आईडी सेलेक्ट कर सकते हैं. इससे नीचे के वर्जन हैं तो आप टच आईडी एनेबल कर सकते हैं.

एक बात ध्यान में रखने वाली ये है कि लॉक करने के बाद भी अग वॉट्सऐप नोटिफिकेशन आपको मिलते हैं तो क्विक रिप्लाई का फीचर काम करेगा. यानी आप बिना अनलॉक किए ही क्विक रिप्लाई कर सकते हैं. ये थोड़ा कॉन्ट्राडिक्टरी जरूर लगता है. ये फीचर एंड्रॉयड यूजर्स के लिए भी आने वाला है और इसकी टेस्टिंग हो रही है. यूजर्स को कब मिलेगा ये फीचर फिलहाल साफ नहीं है.

वॉट्सऐप से जुड़ी दूसरी रिपोर्ट की बात करें तो हाल ही में फेसबुक की तरफ से कहा गया है कि कंपनी वॉट्सऐप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम को मर्ज करने की तैयारी कर रही है. यह प्रोजेक्ट मार्क जकरबर्ग का पर्सनल बताया जा रहा है. इसके तहत क्रॉस प्लेटफॉर्म मैसेज किए जा सकेंगे. यानी मैसेंजर से वॉट्सऐप पर और ऐसे ही वॉट्सऐप से मैसेंजर या इंस्टाग्राम पर मैसेज किए जा सकेंगे. हालांकि ये तीनो स्टैंडअलोन ऐप्स ही रहेंगे यानी तीनों अलग अलग ही काम करेंगे. फिलहाल यह शुरुआती दौर में है और अभी इसमें कुछ समय लग सकता है. 

जावड़ेकर ने कहा कि कुणाल घोष, सुदीप बंदोपाध्याय, तापस पाल समेत मदन मित्रा जैसे तृणमूल कांग्रेस के नेता गिरफ्तार हुए, लेकिन कभी ममता बनर्जी ने धरना नहीं दिया. उन्होंने सवाल उठाए कि पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के पास ऐसा क्या है कि ममता बनर्जी जी ने पूरी ताकत झोंक दी है.

प्रकाश जावड़ेकर ने यह भी बताया कि चिटफंड के मालिक ने कहा था कि एक लाल डायरी और पेन ड्राइव है, उसमें काफी मसाला है. उसमें अनेक लोगों के नाम हैं, जिसमें पैसों की जानकारी है. अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई को सौंपी गई जांच की जा रही है तो वह ममता बनर्जी इससे भाग क्यों रही हैं.

राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई के आरोप पर प्रकाश जावड़ेकर ने अपनी सफाई में कहा कि यह केस ममता बनर्जी के मित्र राहुल गांधी की पार्टी यानी पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने कराया था और सीबीआई को जांच सुप्रीम कोर्ट ने सौंपी थी. ऐसे में बीजेपी पूछता चाहती है कि वह जांच से क्यों भाग रही हैं और पुलिस कमिश्नर को बचाने के लिए धरना क्यों कर रही हैं. जावड़ेकर ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री उठकर पुलिस कमिश्नर के घर गईं, और यही नहीं पुलिस कमिश्नर, डीजी और एडीजी भी धरने पर बैठ गए. उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि चिटफंड घोटाले के राजदारों को बचाने के लिए सीएम धरने पर बैठी हैं और यह विपक्षी एकजुटता घोटाले करने वालों की है.

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