OPPO K1: आपके हाथ में पावर... बैंक अकाउंट में ज्यादा बोझ के बिना!
मोबाइल फोन ब्रैंड ओप्पो (OPPO) न सिर्फ अपने फ्लैगशिप डिवाइस में अनूठे फीचर लाने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है, बल्कि इसे ज्यादा किफायती रेंज में पेश करने के लिए भी. इस तरह से उसने मोबाइल इनोवेशन को मुख्यधारा की चीज बना दी है, न कि ऐसी चीज जो सिर्फ आला दर्जे में ही सीमित हो. OPPO K1 मॉडल भी इस गौरवशाली परंपरा के तहत आया है, इसमें ऐसे कई फीचर शामिल हैं जो आमतौर पर ज्यादा महंगे फोन में मिलते हैं. लेकिन यह डिवाइस कीमत और आकार, दोनों लिहाज से आपके पॉकेट में समाने लायक है.
OPPO K1 के बारे में एक और चीज पर आप सबसे पहले गौर करेंगे-ऐसे समय में जब फोन बड़े होते जा रहे हैं, K1 आश्चर्यजनक रूप से छोटा फोन है. यह 158.3 एमएम लंबा और बहुत ही स्लिम, सिर्फ 74 एमएम पतला है. इसके फ्रंट में 6.41 इंच का फुल HD+ (2340 x 1080) डिस्प्ले है और खास बात कि यह AMOLED के साथ है.
एक चीज पर आपका ध्यान जाएगा कि इस डिवाइस के फ्रंट या बैक में कहीं भी फिंगरप्रिंट स्कैनर नहीं दिखता. इसकी वजह यह है कि यह स्क्रीन के नीचे है- असल में K1 में एक इन डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर आता है, जिससे तेज और ज्यादा सटीक प्रदर्शन मिलता है.
इस स्मार्टफोन में बेजल न के बराबर हैं और इसलिए आपको बढ़िया डिस्प्ले मिलती है. इस डिवाइस का स्क्रीन टु बॉडी रेश्यो 91 फीसदी है. फोन को पलटने पर आप इसके 3D में ढले बॉडी को देख हैरत में पड़ जाएंगे. K1 फोन दो रंगों में उपलब्ध है: एस्ट्रल ब्लू और पियानो ब्लैक. लेकिन मोबाइल की बैक बॉडी पर रोशनी के असर से इसके बदलते शेड देख आप चमत्कृत रह जाएंगे.
इसकी वजह है, इनावेटिव नैनो पैमाने के IMT 3D इंजेक्शन मोल्डिंग प्रक्रिया से बनाए गए बेहद कसे हुए लाइन्स. लाइट और शैडो के इस संयोग से तरह-तरह के शेड और रंग दिखते हैं, जिससे फोन की अपनी विशिष्ट चमक दिखती है. इतनी ज्यादा चमक की वजह से ही K1 फोन एक गहने की तरह दिखता है, हालांकि यह इतना नाजुक भी नहीं है. इसके फ्रंट में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 है और इसकी वजह से फोन के सॉलिड होने का भरोसा जमता है.
इसके चमत्कृत करने वाले डिजाइन और ठोस बनावट के अंदर काफी अच्छे हार्डवेयर भी हैं. इसका डिस्प्ले फुल HD+ AMOLED है और इस डिवाइस को ताकत देता है इसका स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर, जिसके प्रदर्शन को किसी सबूत की जरूरत नहीं. स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर जब 4 जीबी रैम और 64 जीबी की इंटर्नल स्टोरेज (जिसे माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए बढ़ा भी सकते हैं) के साथ आता है, तो गेमिंग से लेकर मल्टी टास्किंग तक में यह स्मार्टफोन शानदार काम करता है.
गेमिंग में सिर्फ मक्खन जैसी सहजता से आगे भी कुछ चाहते हैं? तो यह जान लें कि OPPO K1 ऐसे हाइपर बूस्ट मोड के साथ आता है, जिससे कि डिवाइस गेमिंग के लिए बेहतर से बेहतर इस्तेमाल होता है.
इस फोन में गेम के लिए स्पेशल फीचर आते हैं, जिससे कि उनका आनंद ज्यादा सहज तरीके से उठाया जा सकता है. क्या आप अपने फोन में रेगुलर गेमिंग अनुभव चाहते हैं? तो इसे नॉर्मल मोड में रखिए. लेकिन अगर और उम्दा चीज चाहते हैं तो हाइपर बूस्ट मोड में चले जाइए.
अभी तक हमने कैमरों की चर्चा नहीं की है. तो OPPO की सर्वश्रेष्ठ परंपरा के मुताबिक ही ये असाधारण हैं. इस ब्रैंड ने सेल्फी को जोशपूर्ण और सटीक बना दिया है, K1 में ऐसा कैमरा है जो कि सेल्फी शूट करने के अनुभव को नई परिभाषा देता है. इसमें एक जबर्दस्त 25 मेगापिक्सल का f/2.0 अपर्चर वाला कैमरा है जिससे बहुत बढ़िया तस्वीर मिलती है.
रीयर कैमरा भी कोई कम नहीं है. OPPO K1 में दो रीयर कैमरे हैं. इसमें से मेन कैमरा 16 मेगापिक्सल और बड़े f/1.75 अपर्चर के साथ और दूसरा कैमरा 2 मेगा पिक्सल के गहरे सेंसर वाला. अपने फ्रंट फेस वाले रिश्तेदार की तरह ये कैमरे भी काफी समझदार हैं- वे काफी समझदारी से 16 सीन और 120 सीन के कॉम्बिनेशन को पहचान सकते हैं और उसके मुताबिक रंगों में फेरबदल कर सकते हैं ताकि आपकी तस्वीर ज्यादा सजीव और चटक दिखे.
इनमें पोर्ट्रेट मोड में AI का भी कमाल दिखता है, जिससे कैमरे बोके के साथ तस्वीरें लेने में सक्षम होते हैं. ये तस्वीरें जबर्दस्त तो होती ही हैं, अस्वाभाविक भी नहीं दिखतीं. नतीजा? आप ऐसी समृद्ध तस्वीरें पाते हैं जिनके न केवल रंग बेहतर होते हैं, बल्कि उनकी बारीकी भी खूब होती है.
OPPO K1 के बारे में एक और चीज पर आप सबसे पहले गौर करेंगे-ऐसे समय में जब फोन बड़े होते जा रहे हैं, K1 आश्चर्यजनक रूप से छोटा फोन है. यह 158.3 एमएम लंबा और बहुत ही स्लिम, सिर्फ 74 एमएम पतला है. इसके फ्रंट में 6.41 इंच का फुल HD+ (2340 x 1080) डिस्प्ले है और खास बात कि यह AMOLED के साथ है.
एक चीज पर आपका ध्यान जाएगा कि इस डिवाइस के फ्रंट या बैक में कहीं भी फिंगरप्रिंट स्कैनर नहीं दिखता. इसकी वजह यह है कि यह स्क्रीन के नीचे है- असल में K1 में एक इन डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर आता है, जिससे तेज और ज्यादा सटीक प्रदर्शन मिलता है.
इस स्मार्टफोन में बेजल न के बराबर हैं और इसलिए आपको बढ़िया डिस्प्ले मिलती है. इस डिवाइस का स्क्रीन टु बॉडी रेश्यो 91 फीसदी है. फोन को पलटने पर आप इसके 3D में ढले बॉडी को देख हैरत में पड़ जाएंगे. K1 फोन दो रंगों में उपलब्ध है: एस्ट्रल ब्लू और पियानो ब्लैक. लेकिन मोबाइल की बैक बॉडी पर रोशनी के असर से इसके बदलते शेड देख आप चमत्कृत रह जाएंगे.
इसकी वजह है, इनावेटिव नैनो पैमाने के IMT 3D इंजेक्शन मोल्डिंग प्रक्रिया से बनाए गए बेहद कसे हुए लाइन्स. लाइट और शैडो के इस संयोग से तरह-तरह के शेड और रंग दिखते हैं, जिससे फोन की अपनी विशिष्ट चमक दिखती है. इतनी ज्यादा चमक की वजह से ही K1 फोन एक गहने की तरह दिखता है, हालांकि यह इतना नाजुक भी नहीं है. इसके फ्रंट में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 है और इसकी वजह से फोन के सॉलिड होने का भरोसा जमता है.
इसके चमत्कृत करने वाले डिजाइन और ठोस बनावट के अंदर काफी अच्छे हार्डवेयर भी हैं. इसका डिस्प्ले फुल HD+ AMOLED है और इस डिवाइस को ताकत देता है इसका स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर, जिसके प्रदर्शन को किसी सबूत की जरूरत नहीं. स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर जब 4 जीबी रैम और 64 जीबी की इंटर्नल स्टोरेज (जिसे माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए बढ़ा भी सकते हैं) के साथ आता है, तो गेमिंग से लेकर मल्टी टास्किंग तक में यह स्मार्टफोन शानदार काम करता है.
गेमिंग में सिर्फ मक्खन जैसी सहजता से आगे भी कुछ चाहते हैं? तो यह जान लें कि OPPO K1 ऐसे हाइपर बूस्ट मोड के साथ आता है, जिससे कि डिवाइस गेमिंग के लिए बेहतर से बेहतर इस्तेमाल होता है.
इस फोन में गेम के लिए स्पेशल फीचर आते हैं, जिससे कि उनका आनंद ज्यादा सहज तरीके से उठाया जा सकता है. क्या आप अपने फोन में रेगुलर गेमिंग अनुभव चाहते हैं? तो इसे नॉर्मल मोड में रखिए. लेकिन अगर और उम्दा चीज चाहते हैं तो हाइपर बूस्ट मोड में चले जाइए.
अभी तक हमने कैमरों की चर्चा नहीं की है. तो OPPO की सर्वश्रेष्ठ परंपरा के मुताबिक ही ये असाधारण हैं. इस ब्रैंड ने सेल्फी को जोशपूर्ण और सटीक बना दिया है, K1 में ऐसा कैमरा है जो कि सेल्फी शूट करने के अनुभव को नई परिभाषा देता है. इसमें एक जबर्दस्त 25 मेगापिक्सल का f/2.0 अपर्चर वाला कैमरा है जिससे बहुत बढ़िया तस्वीर मिलती है.
रीयर कैमरा भी कोई कम नहीं है. OPPO K1 में दो रीयर कैमरे हैं. इसमें से मेन कैमरा 16 मेगापिक्सल और बड़े f/1.75 अपर्चर के साथ और दूसरा कैमरा 2 मेगा पिक्सल के गहरे सेंसर वाला. अपने फ्रंट फेस वाले रिश्तेदार की तरह ये कैमरे भी काफी समझदार हैं- वे काफी समझदारी से 16 सीन और 120 सीन के कॉम्बिनेशन को पहचान सकते हैं और उसके मुताबिक रंगों में फेरबदल कर सकते हैं ताकि आपकी तस्वीर ज्यादा सजीव और चटक दिखे.
इनमें पोर्ट्रेट मोड में AI का भी कमाल दिखता है, जिससे कैमरे बोके के साथ तस्वीरें लेने में सक्षम होते हैं. ये तस्वीरें जबर्दस्त तो होती ही हैं, अस्वाभाविक भी नहीं दिखतीं. नतीजा? आप ऐसी समृद्ध तस्वीरें पाते हैं जिनके न केवल रंग बेहतर होते हैं, बल्कि उनकी बारीकी भी खूब होती है.
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