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Showing posts from January, 2019

हैकिंग के आरोपों पर चुनाव आयोग की दो टूक- EVM सेफ, बैलेट पेपर के जमाने में नहीं लौटेंगे

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ईवीएम को लेकर एक बार फिर चर्चा का बाजार गर्म है. इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बड़ा बयान दिया है. एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मैं साफ तौर पर बता देना चाहता हूं कि हम लोग बैलेट पेपर के जमाने में वापस नहीं जा रहे हैं. हम ईवीएम और वीवीपैट से ही चुनाव करवाना जारी रखेंगे. गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का ये बयान उस समय आया है जब दो दिन पहले ही लंदन में भारतीय मूल के एक हैकर ने दावा किया था कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम हैक हुए थे और भारतीय जनता पार्टी ने धांधली से चुनाव जीता था. सुनील अरोड़ा ने कहा, ‘’हम लोग बैलेट पेपर के जमाने में वापस नहीं जा रहे हैं, हम ईवीएम और वीवीपैट को ही जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि हम किसी भी तरह की आलोचना और प्रतिक्रिया के लिए तैयार हैं, फिर चाहे वह किसी राजनीतिक दल के द्वारा ही की जा रही हो. उन्होंने कहा कि इसी के साथ ही में लगातार हो रही आलोचना के बावजूद ईवीएम और वीवीपैट को नहीं छोड़ेंगे औ र बैलेट पेपर के जमाने में नहीं जाएंगे. गौरतलब है कि अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट ने लंदन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा कि...

कुंभः अखाड़े के शिविरों को रोशन करने वाले 'मुल्ला जी'

कुंभ मेले में जूना अखाड़े के प्रवेश द्वारा के दाईं ओर 'मुल्ला जी लाइट वाले' का बोर्ड देखकर किसी की भी उत्सुकता उन 'मुल्ला जी' को जानने की हो सकती है जो 'लाइट वाले' हैं. मुल्ला जी, यानी मुहम्मद महमूद हमें वहीं मिल गए. जिस ई-रिक्शा के ऊपर उनका ये छोटा-सा बोर्ड लगा था, उसी के ठीक बगल में रखी एक चारपाई पर बैठे थे. सिर पर टोपी और लंबी दाढ़ी रखे मुल्ला जी को पहचानने में ज़रा भी दिक़्क़त नहीं हुई. नाम पूछते ही वो हमारा मक़सद भी जान गए और तुरंत बग़ल में बैठे एक व्यक्ति को उठने का इशारा करके हमसे बैठने का आग्रह किया. 76 साल के मुहम्मद महमूद पिछले तीन दशक से कोई भी कुंभ या अर्धकुंभ नहीं छोड़ते हैं और कुंभ के दौरान डेढ़ महीने यहीं रहकर अपना व्यवसाय चलाते हैं. बिजली की फ़िटिंग से लेकर कनेक्शन तक जो भी काम होता है, मुल्ला जी की टीम ही करती है. जूना अखाड़े के साधु-संतों और महंत से उनकी अच्छी बनती है, इसलिए अखाड़े में उनके रहने के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है. मुहम्मद महमूद बताते हैं, "प्रयाग में हमारा ये चौथा कुंभ है. चार हरिद्वार में हो चुके हैं और तीन उज्जै...

भारत में एपल का मार्केट शेयर एक साल में घटकर आधा हुआ, महंगे आईफोन की मांग कम

गैजेट डेस्क. भारत तेजी से बढ़ता स्मार्टफोन मार्केट है , वहीं दूसरी तरफ एपल के आईफोन की बिक्री यहां हर साल गिरती ही जा रही है। पिछले हफ्ते ही काउंटरप्वॉइंट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि 2017 के मुकाबले 2018 में आईफोन की बिक्री 20% कम रही। आईफोन का महंगा होना इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है। आईफोन शिपमेंट में 10 लाख से ज्यादा यूनिट की कमी 2017 में एपल ने तीन आईफोन लॉन्च किए थे। उस साल एपल ने 32 लाख आईफोन की भारत भेजे थे , जबकि 2018 में ये संख्या घटकर 16-17 लाख रहने का अनुमान है। साइबर मीडिया रिसर्च ने 20 लाख आईफोन आने का अनुमान जताया है। मीडिया रिपोर्ट्स में काउंटरप्वॉइंट के रिसर्च डायरेक्टर नील शाह के हवाले से बताया गया है कि एपल ने अक्टूबर से दिसंबर 2018 तक 3 महीने में करीब 4 लाख आ ईफोन भारत भेजे। इस दौरान वनप्लस ने करीब 5 लाख यूनिट आईफोन सप्लाई किए। भारत में 15 करोड़ फोन बिके, इनमें सिर्फ 16-17 लाख आईफोन काउंटरप्वॉइंट के मुताबिक, 2014 में भारत में 8 करोड़ फोन बिके थे जिसमें से 15 लाख आईफोन थे। साल 2018 में भारत में फोन की बिक्री का आंकड़ा 15 करोड़ पहुंच गया, लेकिन एपल के ...

इंडियन साइंस कांग्रेस और जिन्नों से बिज़ली पैदा करने का नुस्ख़ाः ब्लॉग

पिछले पांच दिन से मैं अपने बचपन के दोस्त असलम उस्ताद को बुरी तरह से याद कर रहा हूं. उस्ताद असलम का इंतकाल छह बरस पहले हुआ. उनका विज़िटिंग कार्ड आज भी मेरे सामने है जिसमें लिखा है - मोहम्मद असलम ख़ान, एमएससी (फ़िजिक्स) गोल्ड मेडलिस्ट. असलम उस्ताद 25 बरस तक एक कॉलेज में फ़िजिक्स पढ़ाते रहे. फिर एक दिन जानें क्या सूझी कि नौकरी छोड़-छाड़ दाढ़ी बढ़ा ली और अपना क्लीनिक खोल लिया. यहां वो सुगर और कैंसर का इलाज़ दवा से नहीं दुआ से करते थे. मगर अक्सर मरीज़ एक बारी के बाद पलटकर नहीं आते थे. उस्ताद असलम ने घर में ही अपनी छोटी सी लैब भी बना ली थी जिसमें वह जिन्नों से बिजली पैदा करने की कोशिश करते थे. उनकी थ्योरी ये थी कि चूंकि जिन्न एनर्जी से बने होते हैं तो अगर उनको काबू में कर लिया जाए तो उनसे बिजली पैदा करके पाकिस्तान की लोड शेडिंग ख़त्म हो सकती है. कभी असलम उस्ताद, हम जैसे जाहिलों को तफ़्सील से बताते थे कि इस्लामी किताबों में जिस जुल्करनैन बादशाह का ज़िक्र है, उसके पास शीशे का ऐसा प्याला था जिसमें पूरी दुनिया नज़र आती थी. इसका मतलब है कि जुल्करनैन पहला बादशाह था जिसके पास तीन ...