भारत में एपल का मार्केट शेयर एक साल में घटकर आधा हुआ, महंगे आईफोन की मांग कम
गैजेट डेस्क. भारत तेजी से बढ़ता स्मार्टफोन मार्केट है, वहीं दूसरी तरफ एपल के आईफोन की बिक्री यहां हर साल गिरती ही जा रही है। पिछले हफ्ते ही काउंटरप्वॉइंट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि 2017 के मुकाबले 2018 में आईफोन की बिक्री 20% कम रही। आईफोन का महंगा होना इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।
आईफोन शिपमेंट में 10 लाख से ज्यादा यूनिट की कमी
2017 में एपल ने तीन आईफोन लॉन्च किए थे। उस साल एपल ने 32 लाख आईफोन की भारत भेजे थे, जबकि 2018 में ये संख्या घटकर 16-17 लाख रहने का अनुमान है। साइबर मीडिया रिसर्च ने 20 लाख आईफोन आने का अनुमान जताया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में काउंटरप्वॉइंट के रिसर्च डायरेक्टर नील शाह के हवाले से बताया गया है कि एपल ने अक्टूबर से दिसंबर 2018 तक 3 महीने में करीब 4 लाख आईफोन भारत भेजे। इस दौरान वनप्लस ने करीब 5 लाख यूनिट आईफोन सप्लाई किए।
भारत में 15 करोड़ फोन बिके, इनमें सिर्फ 16-17 लाख आईफोन
काउंटरप्वॉइंट के मुताबिक, 2014 में भारत में 8 करोड़ फोन बिके थे जिसमें से 15 लाख आईफोन थे। साल 2018 में भारत में फोन की बिक्री का आंकड़ा 15 करोड़ पहुंच गया, लेकिन एपल के आईफोन सिर्फ 16-17 लाख ही बिकने का अनुमान है। मतलब, भारतीय स्मार्टफोन मार्केट पिछले चार साल में दोगुना बढ़ गया लेकिन आईफोन की बिक्री कम हो गई।
2016 में एपल ने 28 लाख आईफोन बेचे थे, जिनकी संख्या 2017 में बढ़कर 32 लाख पहुंच गई, लेकिन 2018 में इनकी संख्या आधी से भी कम होने का अनुमान है। इस हिसाब से एपल का मार्केट शेयर 2016 में 2.30% और 2017 में 2.40% था, वहीं 2018 में सिर्फ 1.20% हो गया।
एपल का रेवेन्यू भी कम होने के आसार, प्रोडक्शन 10% घटाया
एपल के सीईओ टिम कुक ने 2 जनवरी को निवेशकों को लिखे पत्र में दिसंबर तिमाही के लिए रेवेन्यू का अनुमान घटाकर 84 अरब डॉलर कर दिया। पहले 89 से 93 अरब डॉलर का अनुमान जारी किया था।
इस अनुमान के चलते एपल ने जनवरी-मार्च 2019 में आईफोन का प्रोडक्शन 10% कम करने का फैसला लिया है। जिसके बाद नए और पुराने आईफोन मॉडल मिलाकर जनवरी-मार्च तिमाही में 4 से लेकर 4.3 करोड़ यूनिट का प्रोडक्शन होगा जो पहले 4.7-4.8 करोड़ यूनिट था। जबकि जनवरी-मार्च 2018 में 5.21 करोड़ आईफोन का प्रोडक्शन हुआ था।
2019 में 30 करोड़ फोन बिकेंगे, प्रीमियम सेगमेंट में वनप्लस ही रहेगी आगे
दिसंबर में टेक्नोलॉजी रिसर्च फर्म टेकआर्क ने अपनी रिपोर्ट में 2019 में 30.20 करोड़ मोबाइल फोन भारत में बिकने का अनुमान लगाया है। टेकआर्क के मुताबिक, इनमें सबसे ज्यादा 14.9 करोड़ स्मार्टफोन, 9.8 करोड़ फीचर फोन और 5.5 करोड़ स्मार्ट फीचर फोन बिकेंगे।
इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया था कि 2019 में भारत में सबसे ज्यादा मोबाइल फोन चीनी कंपनियां बेचेंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल श्याओमी, वनप्लस, गूगल, नोकिया, आसुस और रियलमी के फोन ज्यादा बिकेंगे जबकि एपल के आईफोन की बिक्री में गिरावट आने का अनुमान है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में श्याओमी का भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में दबदबा रहेगा जबकि प्रीमियम सेगमेंट में वनप्लस के ही आगे रहने की उम्मीद है। हालांकि, गूगल अपने फोन की कीमतें कम कर एंड्रॉयड स्मार्टफोन मार्केट में सैमसंग को टक्कर दे सकता है।
पिछले साल नवंबर में इंटेलिजेंस रिसर्च फर्म आईडीसी ने सितंबर तिमाही (जुलाई-सितंबर 2018) के आंकड़े जारी किए थे जिसके मुताबिक, प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में एपल और सैमसंग को पीछे छोड़कर वनप्लस भारत में पहले नंबर की कंपनी बन गई थी।
प्रीमियम सेगमेंट कैटेगरी में सितंबर तिमाही में वनप्लस का मार्केट शेयर भारत में जहां सबसे ज्यादा 37% था, वहीं एपल का मार्केट शेयर 30% और सैमसंग का मार्केट शेयर 26% रहा था। आईडीसी की एसोसिएट रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी के मुताबिक, आईफोन XS और XS Max की कीमत ज्यादा होने की वजह से आईफोन की डिमांड भारतीय यूजर्स में घट गई है।
आईफोन शिपमेंट में 10 लाख से ज्यादा यूनिट की कमी
2017 में एपल ने तीन आईफोन लॉन्च किए थे। उस साल एपल ने 32 लाख आईफोन की भारत भेजे थे, जबकि 2018 में ये संख्या घटकर 16-17 लाख रहने का अनुमान है। साइबर मीडिया रिसर्च ने 20 लाख आईफोन आने का अनुमान जताया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में काउंटरप्वॉइंट के रिसर्च डायरेक्टर नील शाह के हवाले से बताया गया है कि एपल ने अक्टूबर से दिसंबर 2018 तक 3 महीने में करीब 4 लाख आईफोन भारत भेजे। इस दौरान वनप्लस ने करीब 5 लाख यूनिट आईफोन सप्लाई किए।
भारत में 15 करोड़ फोन बिके, इनमें सिर्फ 16-17 लाख आईफोन
काउंटरप्वॉइंट के मुताबिक, 2014 में भारत में 8 करोड़ फोन बिके थे जिसमें से 15 लाख आईफोन थे। साल 2018 में भारत में फोन की बिक्री का आंकड़ा 15 करोड़ पहुंच गया, लेकिन एपल के आईफोन सिर्फ 16-17 लाख ही बिकने का अनुमान है। मतलब, भारतीय स्मार्टफोन मार्केट पिछले चार साल में दोगुना बढ़ गया लेकिन आईफोन की बिक्री कम हो गई।
2016 में एपल ने 28 लाख आईफोन बेचे थे, जिनकी संख्या 2017 में बढ़कर 32 लाख पहुंच गई, लेकिन 2018 में इनकी संख्या आधी से भी कम होने का अनुमान है। इस हिसाब से एपल का मार्केट शेयर 2016 में 2.30% और 2017 में 2.40% था, वहीं 2018 में सिर्फ 1.20% हो गया।
एपल का रेवेन्यू भी कम होने के आसार, प्रोडक्शन 10% घटाया
एपल के सीईओ टिम कुक ने 2 जनवरी को निवेशकों को लिखे पत्र में दिसंबर तिमाही के लिए रेवेन्यू का अनुमान घटाकर 84 अरब डॉलर कर दिया। पहले 89 से 93 अरब डॉलर का अनुमान जारी किया था।
इस अनुमान के चलते एपल ने जनवरी-मार्च 2019 में आईफोन का प्रोडक्शन 10% कम करने का फैसला लिया है। जिसके बाद नए और पुराने आईफोन मॉडल मिलाकर जनवरी-मार्च तिमाही में 4 से लेकर 4.3 करोड़ यूनिट का प्रोडक्शन होगा जो पहले 4.7-4.8 करोड़ यूनिट था। जबकि जनवरी-मार्च 2018 में 5.21 करोड़ आईफोन का प्रोडक्शन हुआ था।
2019 में 30 करोड़ फोन बिकेंगे, प्रीमियम सेगमेंट में वनप्लस ही रहेगी आगे
दिसंबर में टेक्नोलॉजी रिसर्च फर्म टेकआर्क ने अपनी रिपोर्ट में 2019 में 30.20 करोड़ मोबाइल फोन भारत में बिकने का अनुमान लगाया है। टेकआर्क के मुताबिक, इनमें सबसे ज्यादा 14.9 करोड़ स्मार्टफोन, 9.8 करोड़ फीचर फोन और 5.5 करोड़ स्मार्ट फीचर फोन बिकेंगे।
इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया था कि 2019 में भारत में सबसे ज्यादा मोबाइल फोन चीनी कंपनियां बेचेंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल श्याओमी, वनप्लस, गूगल, नोकिया, आसुस और रियलमी के फोन ज्यादा बिकेंगे जबकि एपल के आईफोन की बिक्री में गिरावट आने का अनुमान है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में श्याओमी का भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में दबदबा रहेगा जबकि प्रीमियम सेगमेंट में वनप्लस के ही आगे रहने की उम्मीद है। हालांकि, गूगल अपने फोन की कीमतें कम कर एंड्रॉयड स्मार्टफोन मार्केट में सैमसंग को टक्कर दे सकता है।
पिछले साल नवंबर में इंटेलिजेंस रिसर्च फर्म आईडीसी ने सितंबर तिमाही (जुलाई-सितंबर 2018) के आंकड़े जारी किए थे जिसके मुताबिक, प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में एपल और सैमसंग को पीछे छोड़कर वनप्लस भारत में पहले नंबर की कंपनी बन गई थी।
प्रीमियम सेगमेंट कैटेगरी में सितंबर तिमाही में वनप्लस का मार्केट शेयर भारत में जहां सबसे ज्यादा 37% था, वहीं एपल का मार्केट शेयर 30% और सैमसंग का मार्केट शेयर 26% रहा था। आईडीसी की एसोसिएट रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी के मुताबिक, आईफोन XS और XS Max की कीमत ज्यादा होने की वजह से आईफोन की डिमांड भारतीय यूजर्स में घट गई है।
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