राहुल का वादा- सबसे गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार देंगे, प्रति व्यक्ति मिनिमम बेसिक इनकम 12 हजार रु. होगी

नई दिल्ली. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद सोमवार को राहुल गांधी ने पहली बार न्यूनतम आय गारंटी योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि न्यूनतम आय की सीमा 12 हजार रुपए होगी। हिंदुस्तान के 20% सबसे गरीब परिवारों को सालभर में 72 हजार रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने घोषणापत्र तैयार करने के लिए लाखों लोगों से बात की है।

राहुल ने कहा, ''यह ऐतिहासिक योजना है। अगर नरेंद्र मोदी देश के सबसे अमीर लोगों को पैसा दे सकते हैं, तो कांग्रेस सबसे गरीब लोगों को पैसा दे सकती है। तीन राज्यों में कांग्रेस ने वायदा किया था। 10 दिन कर्जा माफ होगा। मैं यहां भी कह रहा हूं, वायदा पूरा होगा। पहले पायलट प्रोजेक्ट चलेगा। फिर पूरी स्कीम चलेगी।'' 

''प्रधानमंत्री आपसे कहते हैं कि उन्होंने किसानों को पैसा दिया। 3.5 रुपए उन्होंने किसानों को दिए। आपको गुमराह किया जा रहा है। कुछ लोगों को लाखों करोड़ों रुपए दिए जा रहे हैं। 5 करोड़ परिवारों और 25 करोड़ लोगों को डायरेक्ट इस स्कीम का फायदा मिलेगा।''

''न्यूनतम आय की सीमा और लोगों की कमाई का अंतर गरीबों को मिलेगा। मतलब अगर किसी की सैलरी 6 हजार है तो 12 हजार में से जितना कम पड़ेगा उतना सरकार देगी। हमने पहले मनरेगा दिया था, अब इस योजना को भी पूरा करेंगे।''

21वीं सदी में गरीब रहें, कांग्रेस को यह मंजूर नहीं

राहुल ने कहा कि देश का एक झंडा है और प्रधानमंत्रीजी की राजनीति से दो हिंदुस्तान बन रहे हैं। एक अनिल अंबानी जैसों का और दूसरा गरीबों का। हमने लाखों लोगों से बात कर के अपना घोषणापत्र बनाया है। कांग्रेस को यह मंजूर नहीं है कि 21वीं सदी में भारत में गरीब रहें। अब अमीरों और गरीबों का हिंदुस्तान नहीं रहेगा। यह सबका बराबर हिंदुस्तान होगा।

लीज रेंट नहीं चुका पाने की वजह से जेट के 54 विमान खड़े हो चुके हैं। एयरलाइन ने पिछले हफ्ते 13 अंतरराष्ट्रीय रूट पर अप्रैल अंत तक के लिए उड़ानें रद्द करने का ऐलान किया था। सात अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ानों की संख्या पहले ही कम की जा चुकी है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर जेट एयरवेज दिवालिया होती है तो 16,500 लोगों की नौकरी जा सकती है। सरकार लोकसभा चुनाव को देखते हुए ऐसा नहीं चाहती है। इससे सरकार की साख को नुकसान हो सकता है।

नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल ने फुल सर्विस एयरलाइन जेट एयरवेज की स्थापना 25 साल पहले 1993 में की थी। एतिहाद एयरवेज की जेट में 24% की हिस्सेदारी है।

आर्थिक संकट में कैसे फंसी जेट एयरवेज ?
बीते कुछ सालों में दूसरी एयरलाइन से प्रतिस्पर्धा में जेट ने किराए कम किए। लुभावने ऑफर पेश किए जबकि उतना मुनाफा नहीं हो रहा था। ब्रेंट क्रूड की कीमत में पिछले साल भारी उछाल आया। इसलिए, जेट का हवाई खर्च बढ़ा। डॉलर के मुकाबले रुपया भी पिछले साल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था। इसलिए, एयरलाइन का विदेशी मुद्रा खर्च बढ़ गया। इन वजहों से जेट को 2018 की तीन तिमाही (जनवरी-मार्च, अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर) में कुल 3,620 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

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